mat poochiye bhala kyuuñ rishte sanbhaalte hain | मत पूछिए "भला क्यूँ रिश्ते सँभालते हैं?"

  - Akhil Saxena
मतपूछिए"भलाक्यूँरिश्तेसँभालतेहैं?"
सहरामेंआँसूतककोप्यासेसँभालतेहैं
साहबकियेहवेलीहैदश्तकीज़मींपर
साहबहवेलीमेंक्यूँपौधेसँभालतेहैं
हमनेसँभालाअपनेअंदरउसेहैमानो
मुफ़लिसफटेफिरनमेंपैसेसँभालतेहैं
कंधेशरीफघरकेयेजानतेहैंबेहतर
होभीड़तोदुपट्टाकैसेसँभालतेहैं
बनवाकेकाँचकेघरइतनातोयादरखना
उनघरकीइज़्ज़तेंफिरपर्देसँभालतेहैं
इक्कीसवींसदीके'आशिक़बहुतहैंशातिर
करियरसँभालकरफिरवादेसँभालतेहैं
थाबापसेजुदाऔरभूला'अखिल'किआगे
येदास्तानख़ुदकेबच्चेसँभालतेहैं
  - Akhil Saxena
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