kaam aa sakeen na apni vafaaayen to kya kareinus bevafaa ko bhool na jaayen to kya karen | काम आ सकीं न अपनी वफ़ाएँ तो क्या करें

  - Akhtar Shirani
कामसकींअपनीवफ़ाएँतोक्याकरें
उसबे-वफ़ाकोभूलजाएँतोक्याकरें
मुझकोयेए'तिराफ़दु'आओंमेंहैअसर
जाएँअर्शपरजोदुआएँतोक्याकरें
इकदिनकीबातहोतोउसेभूलजाएँहम
नाज़िलहोंदिलपेरोज़बलाएँतोक्याकरें
ज़ुल्मत-ब-दोशहैमिरीदुनिया-ए-आशिक़ी
तारोंकीमिशअलेचुराएँतोक्याकरें
शबभरतोउनकीयादमेंतारेगिनाकिए
तारेसेदिनकोभीनज़रआएँतोक्याकरें
अहद-ए-तरबकीयादमेंरोयाकिएबहुत
अबमुस्कुराकेभूलजाएँतोक्याकरें
अबजीमेंहैकिउनकोभुलाकरहीदेखलें
वोबारबारयादजोआएँतोक्याकरें
वअ'देकेए'तिबारमेंतस्कीन-ए-दिलतोहै
अबफिरवहीफ़रेबखाएँतोक्याकरें
तर्क-ए-वफ़ाभीजुर्म-ए-मोहब्बतसहीमगर
मिलनेलगेंवफ़ाकीसज़ाएँतोक्याकरें
  - Akhtar Shirani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy