ishq ke toote hue rishton ka maatam kya karen | इश्क़ के टूटे हुए रिश्तों का मातम क्या करें

  - Akhtar Saeed Khan
इश्क़केटूटेहुएरिश्तोंकामातमक्याकरें
ज़िंदगीतुझसेफिरइकबारसमझौताकरें
ज़िंदगीकबतकतिरेदरमांदगान-ए-आरज़ू
ख़्वाबदेखेंऔरताबीरोंकोशर्मिंदाकरें
मुड़केदेखाऔरपत्थरकेहुएइसशहरमें
ख़ुदसदाबनजाओआवाज़ेंअगरपीछाकरें
ना-उमीदानाभीजीनेकासलीक़ाहैहमें
आइनेटूटेहुएदिलमेंसजाकरक्याकरें
चंदज़र्रेदिलकेरक़्साँहैंफ़ज़ाओंमेंअभी
लाओइनज़र्रोंमेंहश्र-ए-आरज़ूबरपाकरें
ख़ूँ-चकाँआँखोंसेअपनीख़ुशनहींहमभीमगर
चाकदामनहोतोसीलेंचाक-ए-दिलकोक्याकरें
बुझगएएकएककरकेसबअक़ीदोंकेचराग़
ज़मानेकीहवाअबयेबताहमक्याकरें
आफ़ियतदुश्मनथादिल-ना-आक़ेबत-अंदेशहम
अबकिसेइल्ज़ामदें'अख़्तर'किसेरुस्वाकरें
  - Akhtar Saeed Khan
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