laga ke aag bujhaane ki baat karte ho | लगा के आग बुझाने की बात करते हो

  - Akhlaq Ahmad Ahan
लगाकेआगबुझानेकीबातकरतेहो
फफूलेदिलमेंसजानेकीबातकरतेहो
नहींसमझतेमिरीहालत-ए-दरूँकोतुम
फ़क़तजोकरतेबहानेकीबातकरतेहो
सुनाऊँमैंजोकभीहालअपनीउल्फ़तका
सुबूतमुझसेदिखानेकीबातकरतेहो
गुज़ारकरमैंयहाँआयाहूँशब-ए-ज़ुल्मत
करमकरकेजलानेकीबातकरतेहो
जोपूछताहूँकभीबे-रुख़ीकीमैंइल्लत
बनाकेबातबनानेकीबातकरतेहो
कभीसितमपेजोभरताहूँआहतबभीतो
मिरेलहूमेंनहानेकीबातकरतेहो
तिरेहुज़ूरमेंआयाजोआहन-ए-बे-बस
पिन्हाकेबेड़ीजानेकीबातकरतेहो
  - Akhlaq Ahmad Ahan
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