ye gul jis KHaak se laaya gaya hai | ये गुल जिस ख़ाक से लाया गया है

  - Akbar Masoom
येगुलजिसख़ाकसेलायागयाहै
उसेअफ़्लाकसेलायागयाहै
चमनपेरंगआताहीनहींथा
तिरीपोशाकसेलायागयाहै
येदिलजिससेमैंशर्मिंदाबहुतहूँ
उसीबेबाकसेलायागयाहै
उजालाहैजोयेकौन-ओ-मकाँमें
हमारीख़ाकसेलायागयाहै
येजोकुछभीहैआयाहैकहाँसे
दिल-ए-सद-चाकसेलायागयाहै
यहाँकितनोंनेदेखाहैजोतूफ़ाँ
ख़स-ओ-ख़ाशाकसेलायागयाहै
  - Akbar Masoom
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