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AKASH
muhabbat ka naya ik seen karte hain
muhabbat ka naya ik seen karte hain | मुहब्बत का नया इक सीन करते हैं
- AKASH
मुहब्बत
का
नया
इक
सीन
करते
हैं
कहाँ
हम
ज़ीस्त
अब
ग़मगीन
करते
हैं
तेरे
बेरंग
मौसम
याद
आते
हैं
मुझे
किस
होंठ
जब
रंगीन
करते
हैं
हमारे
दोस्तों
की
ख़ासियत
है
ये
हमारी
वो
बहुत
तौहीन
करते
हैं
मुझे
वो
देखकर
के
थे
कभी
कहते
मेरे
दिल
में
सदा
शाहीन
करते
हैं
लगे
आसान
राहें
हर
मुसाफ़िर
को
यही
हम
सोच
रस्ते
क्लीन
करते
हैं
- AKASH
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रास्ता
सोचते
रहने
से
किधर
बनता
है
सर
में
सौदा
हो
तो
दीवार
में
दर
बनता
है
Jaleel 'Aali'
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राह-ए-दूर-ए-इश्क़
में
रोता
है
क्या
आगे
आगे
देखिए
होता
है
क्या
Meer Taqi Meer
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इश्क़
में
धोखा
खाने
वाले
बिल्कुल
भी
मायूस
न
हो
इस
रस्ते
में
थोड़ा
आगे
मयख़ाना
भी
आता
है
Darpan
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उसूली
तौर
पे
मर
जाना
चाहिए
था
मगर
मुझे
सुकून
मिला
है
तुझे
जुदा
कर
के
Ali Zaryoun
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कोशिश
भी
कर
उमीद
भी
रख
रास्ता
भी
चुन
फिर
इस
के
ब'अद
थोड़ा
मुक़द्दर
तलाश
कर
Nida Fazli
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उसे
अभी
भी
मेरे
दिल
के
हाल
का
नहीं
पता
तो
यानी
उसको
अपने
घर
का
रास्ता
नहीं
पता
ये
तेरी
भूल
है
ऐ
मेरे
ख़ुश-ख़याल
के
मुझे
पराई
औरतों
से
तेरा
राब्ता
नहीं
पता
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Ruqayyah Maalik
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दिल
के
तमाम
ज़ख़्म
तेरी
हाँ
से
भर
गए
जितने
कठिन
थे
रास्ते
वो
सब
गुज़र
गए
Kumar Vishwas
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सच
की
डगर
पे
जब
भी
रक्खे
क़दम
किसी
ने
पहले
तो
देखी
ग़ुर्बत
फिर
तख़्त-ओ-ताज
देखा
Amaan Pathan
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सफ़र
हालाँकि
तेरे
साथ
अच्छा
चल
रहा
है
बराबर
से
मगर
एक
और
रास्ता
चल
रहा
है
Shariq Kaifi
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शाम
भी
हो
गई
धुँदला
गई
आँखें
भी
मिरी
भूलने
वाले
मैं
कब
तक
तिरा
रस्ता
देखूँ
Parveen Shakir
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देख
कर
मंज़र
कई
आँसू
निकल
आए
दोपहर
की
धूप
में
जुगनू
निकल
आए
वो
दबाना
चाहते
हैं
एक
दो
मौज़ू
चाहते
हम
हैं
सभी
मौज़ू
निकल
आए
याद
लिखते
वक़्त
उसकी
एक
दिन
आई
फिर
हुआ
यूँँ
आँख
से
आँसू
निकल
आए
वो
सुलाना
तो
बहाना
था
फ़क़त
उसका
हम
इधर
सोए
उधर
बाज़ू
निकल
आए
आदमी
को
इक
बताया
था
ख़ुदा
उसने
उस
ख़बर
के
और
ही
पहलू
निकल
आए
कोशिशें
ये
रंग
तेरी
जल्द
ले
आए
काश
सूखे
फूल
से
ख़ुशबू
निकल
आए
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AKASH
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बस
उसपे
मरते
जाना
है
मुझको
ये
करते
जाना
है
AKASH
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बस
निकलता
ही
नहीं
है
दम
हमारा
तुम
समझ
सकते
नहीं
हो
ग़म
हमारा
हो
गया
है
हक़
अब
उस
पर
दूसरों
का
मिट
गया
है
यार
अब
परचम
हमारा
अब
सितारे
पूछते
हैं
रोज़
मुझ
सेे
कब
करेगा
चाँद
ये
चम
चम
हमारा
फोल्डर
इक
याद
का
अब
है
मिटाना
हैंग
करता
है
बहुत
सिस्टम
हमारा
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AKASH
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लड़की
है
वो
उस
घर
की
जो
मरते
हैं
दस्तार
की
ख़ातिर
AKASH
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कोई
कहता
नहीं
बुरा
उसको
मानते
हैं
सभी
ख़ुदा
उसको
AKASH
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