mushkil ko zaraa chhod ke aasaan ke baare | मुश्किल को ज़रा छोड़ के आसान के बारे

  - Ajiz Kamaal Rana
मुश्किलकोज़राछोड़केआसानकेबारे
कुछसोचमिरीतंगी-ए-दामानकेबारे
इकतेरेबुलावेपेबहलजाताहैवर्ना
मा'लूमहैमुझकोदिल-ए-नादानकेबारे
आग़ाज़-ए-मोहब्बतमेंतवक्कुलहैज़रूरी
मतसोचकिसीफ़ाएदानुक़सानकेबारे
इसशहरमेंहरशख़्सकोसोनेकीपड़ीहै
हालाँकिबतायाभीहैतूफ़ानकेबारे
इसबस्ती-ए-ख़ुश-आबकीपुर-कैफ़फ़ज़ाएँ
कबसोचनेदेतीहैंपरिस्तानकेबारे
खोनेकीतुझेमुझकोवहीफ़िक्रहैलाहिक़
होतीहैमुसाफ़िरकोजोसामानकेबारे
'आजिज़'तिरीदुनियाकेयेइंसानअजबहैं
इंसानकोबहकातेहैंयज़्दानकेबारे
  - Ajiz Kamaal Rana
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