shaam aayi hai li.e haath men yaadon ke charaaghh | शाम आई है लिए हाथ में यादों के चराग़

  - Ajay Sahaab
शामआईहैलिएहाथमेंयादोंकेचराग़
वोतिरेसाथगुज़ारेहुएलम्होंकेचराग़
मेरेइसघरमेंअँधेराकभीहोताहीनहीं
हैंमिरेसीनेमेंजलतेहुएज़ख़्मोंकेचराग़
लाखतूफ़ानहोंकुटियामिरीरौशनहीरही
एकबरसातसेबुझनेलगेमहलोंकेचराग़
ज़िंदगीतल्ख़हक़ीक़तकीहैअंधीसीगली
अपनीआँखोंमेंजलातेरहोसपनोंकेचराग़
एकमुद्दतसेधधकतारहामेरायेज़ेहन
तबकहींजाकेफ़रोज़ाँहुएलफ़्ज़ोंकेचराग़
ख़ुदकाहीनूरकियाकरताहैरौशनदिलको
रौशनीतुझकोभलाकैसेदेंग़ैरोंकेचराग़
सारीदुनियाकोख़ुदाएकहीसूरजदेदे
काशबुझजाएँज़मानेसेयेफ़िर्क़ोंकेचराग़
अबतोजम्हूरकीताक़तकाहीसूरजहै'सहाब'
अबज़मानेमेंकहाँजलतेहैंशाहोंकेचराग़
  - Ajay Sahaab
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