हरइकशयपरबहार-ए-ज़िंदगीमहसूसकरताहूँ
मगरबा-ईं-हमातेरीकमीमहसूसकरताहूँ
भटककरभीकभीमंज़िलसेबेगानानहींहोता
किसीकीग़ाएबानारहबरीमहसूसकरताहूँ
मैंअपनेदिलपेरखलेताहूँतोहमतबद-गुमानीकी
अगरतेरीतरफ़सेबे-रुख़ीमहसूसकरताहूँ
येदुनियाअजनबीपहलेभीथीऔरअबभीहैलेकिन
अबअपनेआपकोभीअजनबीमहसूसकरताहूँ
तुम्हेंइसबातकाअंदाज़ाशायदहोनहींसकता
कितुमकोदेखकिकितनीख़ुशीमहसूसकरताहूँ