पहलेकियागयामुझेयकता-ए-रंग-ओ-बू
फिररंजकीतहोंमेंउतारागयामुझे
तोइज़्तिराबमेंहीलियाहोगामेरानाम
वर्नाकभीसुकूँमेंपुकारागयामुझे
माथेपेलिखदियागयाउसख़ुश-अदाकाहिज्र
औरहिज्रकेदरूँमेंसँवारागयामुझे
पैरोंकोरोकतीरहीआवाज़-ए-रफ़्तगाँ
सहरा-ए-ख़ाक-ओ-ख़ूँमेंउतारागयामुझे
अबमुझमेंढूँढिएननिशाँशहर-ए-ज़ातका
हिजरतकेरौज़नोंमेंनिथारागयामुझे
इससेभीदिलकासाथकोईदेरहीरहा
जिसख़्वाबकेफ़ुसूँमेंउतारागयामुझे
वोशहर-ए-सर-निगूँकिजहाँदिलकहेजिसे
उसशहर-ए-सर-निगूँमेंसँवारागयामुझे