kashish-e-husn ki ye anjuman-aaraai hai | कशिश-ए-हुस्न की ये अंजुमन-आराई है

  - Ahsan Marahravi
कशिश-ए-हुस्नकीयेअंजुमन-आराईहै
सारीदुनियातिरेकूचेमेंसिमटआईहै
दर्दनेखोएहुएदिलकीजगहपाईहै
इकबलासरसेगईएकबलाआईहै
जाँनिसारोंकोसहाराजोजीनेकामिला
कू-ए-क़ातिलमेंक़ज़ाखींचकेलेआईहै
मैंछुपाताहूँग़म-ए-इश्क़तोबनतानहींकाम
औरकहताहूँतोगोयामिरीरुस्वाईहै
जिगरदिलमेंतराज़ूहोक्यूँँनावक-ए-नाज़
इसकोदोनोंसेबराबरकीशनासाईहै
दिलयेकहताहैवहाँजाकेसँभलजाऊँगा
मैंयेकहताहूँकिबद-बख़्तकीमौतआईहै
बनकेनासेहवोयेकहतेहैंमोहब्बतकरो
मुझकोमरनेनहींदेतेयेमसीहाईहै
सबजिसेदाग़-ए-दिलज़ख़्म-ए-जिगरकहतेहैं
वोमिरेनाख़ुन-ए-ग़मकीचमन-आराईहै
क्याहैदुनियामेंनुमूदऔरनुमाइशकेसिवा
ज़िंदगीहमकोतमाशेकेलिएलाईहै
इश्क़रुस्वा-कुन-ए-आलमवोहै'अहसन'जिससे
नेक-नामोंकीभीबद-नामीरुस्वाईहै
  - Ahsan Marahravi
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