hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Faiz Ahmad
hazaar gam hain zindagi men kha rahe hain jo mujhe
hazaar gam hain zindagi men kha rahe hain jo mujhe | हज़ार ग़म हैं ज़िंदगी में खा रहे हैं जो मुझे
- Faiz Ahmad
हज़ार
ग़म
हैं
ज़िंदगी
में
खा
रहे
हैं
जो
मुझे
पर
आज
भी
ख़ुदा
के
आगे
रोता
हूँ
तिरे
लिए
- Faiz Ahmad
Download Sher Image
मैं
हूँ
सदियों
से
भटकता
हुआ
प्यासा
दरिया
ऐ
ख़ुदा
कुछ
तो
समुंदर
के
सिवा
दे
मुझ
को
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
36 Likes
बना
कर
हमने
दुनिया
को
जहन्नुम
ख़ुदा
का
काम
आसाँ
कर
दिया
है
Rajesh Reddy
Send
Download Image
31 Likes
वक़्त
ए
इफ़्तार
ख़ुद
रब
था
मेरे
क़रीब
तुझ
से
बढ़
कर
मगर
कुछ
न
माँगा
गया
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
24 Likes
क़फस
उदास
है
यारों
सबास
कुछ
तो
कहो
कहीं
तो
बहरे-खुदा
आज
ज़िक्र-ए-यार
चले
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
31 Likes
जीने
का
बस
एक
यही
ढब
अच्छा
है
मेरा
तेरा
सबका
ही
रब
अच्छा
है
बंदा
हो
तो
यार
हमारे
जैसा
हो
सब
कुछ
खोकर
भी
बोले,
सब
अच्छा
है
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
37 Likes
कश्तियाँ
सब
की
किनारे
पे
पहुँच
जाती
हैं
नाख़ुदा
जिन
का
नहीं
उन
का
ख़ुदा
होता
है
Ameer Minai
Send
Download Image
29 Likes
कहा
था
क्या
और
क्या
बने
हो
अजब
सा
इक
मसअला
बने
हो
हमारी
मर्ज़ी
कहाँ
थी
शामिल
तुम
अपने
मन
से
ख़ुदा
बने
हो
Read Full
Ritesh Rajwada
Send
Download Image
34 Likes
दुनिया
की
फ़िक्र
छोड़,
न
यूँँ
अब
उदास
बैठ
ये
वक़्त
रब
की
देन
है,
अम्मी
के
पास
बैठ
Salman Zafar
Send
Download Image
47 Likes
देवताओं
का
ख़ुदास
होगा
काम
आदमी
को
आदमी
दरकार
है
Firaq Gorakhpuri
Send
Download Image
20 Likes
मुहब्बत
में
हमने
सियासत
न
की
तभी
इश्क़
में
कोई
बरकत
न
की
उसे
मानता
था
मैं
अपना
ख़ुदा
कभी
उसकी
लेकिन
इबादत
न
की
Read Full
RAJAT AWASTHI
Send
Download Image
6 Likes
Read More
अपना
ईमान
बेचना
पड़ेगा
इक
तवाइफ़
से
इश्क़
हो
गया
है
Faiz Ahmad
Send
Download Image
4 Likes
शुरू
में
दोस्त
बता
कर
यक़ीं
दिला
के
मुझे
लिपट
रही
है
अब
उस
सेे
दिखा
दिखा
के
मुझे
कुछ
इस
क़दर
नज़र-अंदाज़
करता
है
मुझे
दिल
तुम्हारी
याद
में
खो
जाता
है
भुला
के
मुझे
जो
रोया
करती
थी
बस
बात
पर
जुदाई
की
वो
आज
हस
रही
है
सामने
रुला
के
मुझे
ये
कब
पता
था
कि
मुझको
तबाह
कर
देगी
बड़ी
सज़ा
मिली
हल्का
सा
मुस्कुरा
के
मुझे
Read Full
Faiz Ahmad
Download Image
2 Likes
कि
दिल
करता
है
ख़ुद
को
आइने
से
खींच
लूंँ
बाहर
कोई
तो
होगा
जिस
सेे
फिर
लिपट
के
रो
सकूंँगा
मैं
Faiz Ahmad
Send
Download Image
3 Likes
मैं
तिरी
मोहब्बत
की
कभी
भी
बर्बादी
नहीं
करूँंँगा
मर
मिटूंँगा
लेकिन
और
किसी
से
मैं
शादी
नहीं
करूँंँगा
Faiz Ahmad
Send
Download Image
1 Like
आपकी
आँखों
की
जो
कर
ले
ज़ियारत
इक
बार
उसका
दिल
फिर
तो
कहीं
और
न
माथा
टेके
Faiz Ahmad
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Father Shayari
Gunaah Shayari
Khushi Shayari
Raksha bandhan Shayari
Death Shayari