shikasta muzmahil rakha hua hai | शिकस्ता मुज़्महिल रक्खा हुआ है

  - Ahmad Waqas
शिकस्तामुज़्महिलरक्खाहुआहै
मोहब्बतनेख़जिलरक्खाहुआहै
तुझेतोमानरखनाथाहमारा
मगरतूनेभीदिलरक्खाहुआहै
अगरदाइमनहींहोताहैकुछभी
तोग़मक्यूँमुस्तक़िलरक्खाहुआहै
किसीनेचाँदरक्खाहैफ़लकपर
तिरेचेहरेपेतिलरक्खाहुआहै
करमउसकाकिमुझसेबद-गुमाँको
यक़ींसेमुत्तसिलरक्खाहुआहै
  - Ahmad Waqas
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