ख़ुशनहींआएबयाबाँमिरीवीरानीको
घरबड़ाचाहिएइसबे-सर-ओ-सामानीको
ढालदूँचश्मा-ए-पुर-हर्फ़कोआईनेमें
अपनीआवाज़मेंरखदूँतिरीहैरानीको
जादा-ए-नूरकोठोकरपेसजाताहुआमैं
देखतारहताहूँरंगोंकीपुर-अफ़्शानीको
सर-ए-सहरामिरीआँखोंकातलातुमजागा
मौजा-ए-रेगनेसरशारकियापानीको
सज्दा-ए-नक़्श-ए-कफ़-ए-पा-ए-निगाराँहीतोहै
जिसनेताबिंदारखाहैमिरीपेशानीको
तुझसेभीकबहुईतदबीरमिरीवहशतकी
तूभीमुट्ठीमेंकहाँभेंचसकापानीको
सर्दमौसमनेठिठुरतेहुएसूरजसेकहा
चादर-ए-अब्रतोहैढाँपलेउर्यानीको
'शहरयार'अपनेख़राबेपेहुकूमतहैमिरी
कोईमुझसाहोतोसमझेमिरीसुलतानीको