jo dik raha usii ke andar jo an-dikhaa hai vo shaayri hai | जो दिख रहा उसी के अंदर जो अन-दिखा है वो शा'इरी है

  - Ahmad Salman
जोदिखरहाउसीकेअंदरजोअन-दिखाहैवोशा'इरीहै
जोकहसकाथावोकहचुकाहूँजोरहगयाहैवोशा'इरीहै
येशहरसारातोरौशनीमेंखिलापड़ाहैसोक्यालिखूँमैं
वोदूरजंगलकीझोंपड़ीमेंजोइकदियाहैवोशा'इरीहै
दिलोंकेमाबैनगुफ़्तुगूमेंतमामबातेंइज़ाफ़तेंहैं
तुम्हारीबातोंकाहरतवक़्क़ुफ़जोबोलताहैवोशा'इरीहै
तमामदरियाजोएकसमुंदरमेंगिररहेहैंतोक्याअजबहै
वोएकदरियाजोरास्तेमेंहीरहगयाहैवोशा'इरीहै
  - Ahmad Salman
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy