अँधेरीरातकोयेमो'जिज़ादिखाएँगेहम
चराग़अगरनजलाअपनादिलजलाएँगेहम
हमारीकोहकनीकेहैंमुख़्तलिफ़मेयार
पहाड़काटकेरस्तेनएबनाएँगेहम
जुनून-ए-इश्क़पेतनक़ीदअपनाकामनहीं
गुलोंकोनोचकेक्यूँँतितलियाँउड़ाएँगेहम
जोदिलदुखाहैतोयेअज़्मभीमिलाहैहमें
तमामउम्रकिसीकानदिलदुखाएँगेहम
अगरहैमौतमेंकुछलुत्फ़तोबसइतनाहै
किइसकेबादख़ुदाकासुराग़पाएँगेहम
हमेंतोक़ब्रभीतन्हानकरसकेगी'नदीम'
किहरतरफ़सेज़मींकोक़रीबपाएँगेहम