jo log dushman-e-jaan the vahii sahaare the | जो लोग दुश्मन-ए-जाँ थे वही सहारे थे

  - Ahmad Nadeem Qasmi
जोलोगदुश्मन-ए-जाँथेवहीसहारेथे
मुनाफ़ेथेमोहब्बतमेंनेख़सारेथे
हुज़ूर-ए-शाहबसइतनाहीअर्ज़करनाहै
जोइख़्तियारतुम्हारेथेहक़हमारेथे
येऔरबातबहारेंगुरेज़-पानिकलीं
गुलोंकेहमनेतोसदक़ेबहुतउतारेथे
ख़ुदाकरेकितिरीउम्रमेंगिनेजाएँ
वोदिनजोहमनेतिरेहिज्रमेंगुज़ारेथे
अबइज़्नहोतोतिरीज़ुल्फ़मेंपिरोदेंफूल
किआसमाँकेसितारेतोइस्तिआरेथे
क़रीबआएतोहरगुलथाख़ाना-ए-ज़ंबूर
'नदीम'दूरकेमंज़रतोप्यारेप्यारेथे
  - Ahmad Nadeem Qasmi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy