ye jo dhuaan dhuaan sa hai dast-e-gumaan ke aas-paas | ये जो धुआँ धुआँ सा है दश्त-ए-गुमाँ के आस-पास

  - Ahmad Mahfuz
येजोधुआँधुआँसाहैदश्त-ए-गुमाँकेआस-पास
क्याकोईआगबुझगईसरहद-ए-जाँकेआस-पास
शोर-ए-हवा-ए-शाम-ए-ग़मयूँँतोकहाँकहाँनहीं
सुनिएतोबससुनाईदेदर्द-ए-निहाँकेआस-पास
बुझगएक्याचराग़सबदिल-ए-आफ़ियत-तलब
कबसेभटकरहेहैंहमकू-ए-ज़ियाँकेआस-पास
उनकोतलाशकीजिएहमतोमिलेंगेआपही
अपनीभीजा-ए-बाशहैगुम-शुदगाँकेआस-पास
सीना-ए-शबकोचीरकरदेखोतोक्यासमाँहैअब
मंज़िल-ए-दिलकेसामनेकूचा-ए-जाँकेआस-पास
वोभीअजबसवारथाआयाइधरउधरगया
पहुँचीमेरीख़ाकभीउसकीइनाँकेआस-पास
आलम-ए-सर्द-ओ-गर्मकीक्याहोभलाउन्हेंख़बर
वोजोरहेहैंउम्रभरशोला-रुख़ाँकेआस-पास
  - Ahmad Mahfuz
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