miTTi se baghaavat na baghaavat se gurezaan | मिट्टी से बग़ावत न बग़ावत से गुरेज़ाँ

  - Ahmad Kamran
मिट्टीसेबग़ावतबग़ावतसेगुरेज़ाँ
हमसह
मेंहुएलोगहैंहिम्मतसेगुरेज़ाँ
इकपलकातवक़्क़ुफ़भीगिराँ-बारहैतुझपर
औरहमकिथके-हारेमसाफ़तसेगुरेज़ाँ
भूलेहुएहिज्रकहींमिलतोसहीयार
इकदूजेसेहमदोनोंहैंमुद्दतसेगुरेज़ाँ
जातुझकोकोईजिस्मसेआगेपढ़ेगा
मुझसेख़फ़ामेरीमोहब्बतसेगुरेज़ाँ
ज़िंदाबचेशख़्सयेसबलेकेपलटजा
हमजंगमेंहैंमाल-ए-ग़नीमतसेगुरेज़ाँ
  - Ahmad Kamran
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