jashn manao rone waale giryaa bhool ke mast rahen | जश्न मनाओ रोने वाले गिर्या भूल के मस्त रहें

  - Ahmad Jahangeer
जश्नमनाओरोनेवालेगिर्याभूलकेमस्तरहें
सारंगीकेतीरसमाअ'तमेंइमशबपैवस्तरहें
ईरानीग़ालीचेकेचौ-गर्दनशिस्तेंक़ाएमहों
काफ़ूरीशम्ओं'सेरौशनपैहमअहल-ए-हस्तरहें
कसवायाजाएघोड़ोंसेलकड़ीकेपहियोंकारथ
तब्लअलमअसवारप्यादेसारेबंदोबस्तरहें
रंग-ए-सपेद-ओ-सियाहसुनहरीसबशक्लोंमेंज़ाहिरहों
आगसेअपनीराखउठाकरसोनाचाँदीजस्तरहें
नक़्क़ारेपरचोटमरातिबकाएलानसुनातीहै
फूसकीकुटियाएँमरमरकीदीवारोंसेपस्तरहें
एकतरफ़कुछहोंटमोहब्बतकीरौशनआयातपढ़ें
इकसफ़मेंहथियारसजाएसारेजंग-परस्तरहें
  - Ahmad Jahangeer
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy