agar hon goya to phir be-takaan bolte hain | अगर हों गोया तो फिर बे-तकान बोलते हैं

  - Ahmad Husain Mujahid
अगरहोंगोयातोफिरबे-तकानबोलतेहैं
मगरयेलोगलहूकीज़बानबोलतेहैं
ज़मींजोपाँवकेनीचेहैउसकामालिकहूँ
पेमेरेनामपेकितनेलगानबोलतेहैं
छुपाक़त्लमिराएहतियातकेबा-वस्फ़
जोउसनेछोड़ेनहींवोनिशानबोलतेहैं
ज़मींपेजबकोईमज़लूमआहभरताहै
सितारेटूटतेहैंआसमानबोलतेहैं
छुपाएछुपतेनहींहादसेजोगुज़रेहों
मकीनचुपहोंतो'अहमद'मकानबोलतेहैं
  - Ahmad Husain Mujahid
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