उतरे हुए चेहरों तुम्हें आज़ादी मुबारक

  - Ahmad Farhad
उतरेहुएचेहरोंतुम्हेंआज़ादीमुबारक
उजड़ेहुएलोगोंतुम्हेंआज़ादीमुबारक
सहमीहुईगलियोंकोईमेलाकोईनारा
जकड़ेहुएशहरोंतुम्हेंआज़ादीमुबारक
ज़ंजीरकीछन-छनपेकोईरक़्स-ओ-तमाशा
नारोंकेग़ुलामोंतुम्हेंआज़ादीमुबारक
अबख़ुशहोकिहरदिलमेंहैंनफ़रतकेअलाव
दीनफ़रोशोंतुम्हेंआज़ादीमुबारक
बहतीहुईआँखोंज़राइज़हार-ए-मसर्रत
रिसतेहुएज़ख़्मोंतुम्हेंआज़ादीमुबारक
उखड़ीहुईनींदोंमेरीछातीसेलगोआज
झुलसेहुएख़्वाबोंतुम्हेंआज़ादीमुबारक
टूटेहुएख़्वाबोंकोखिलौनेहीसमझलो
रोतेहुएबच्चोंतुम्हेंआज़ादीमुबारक
फैलेहुएहाथोंइसीमंज़िलकीतलबथी
सिमटीहुईबाहोंतुम्हेंआज़ादीमुबारक
हरज़ुल्मपेख़ामोशीकीतसबीहमेंलगजाओ
चलतीहुईलाशोंतुम्हेंआज़ादीमुबारक
मस्लककेज़बानोंकेइलाक़ोंकेअसीरों
बिखरेहुएलोगोंतुम्हेंआज़ादीमुबारक
  - Ahmad Farhad
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