ek harf-e-muddaa tha dastaan kaise hua | एक हर्फ़-ए-मुद्दआ' था दास्ताँ कैसे हुआ

  - Ahmad Azeem
एकहर्फ़-ए-मुद्दआ'थादास्ताँकैसेहुआ
रेगकायेसिलसिलाआब-ए-रवाँकैसेहुआ
वोअभीहमराहथाइसज़िंदगीकेदश्तमें
उम्रभरकासाथपलमेंराएगाँकैसेहुआ
आशनाईमेंवोचेहरासूरत-ए-ख़ुर्शीदथा
अजनबीहोकरवहीचेहराधुआँकैसेहुआ
दिलतोपहलेहीलहूथादशना-ए-अय्यामसे
तुझसेयेवार-ए-सितममेहरबाँकैसेहुआ
होगईशायदख़बरउसकोफ़ज़ामेंज़हरकी
ताज़ा-दमताइरवगर्नानीम-जाँकैसेहुआ
  - Ahmad Azeem
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