ilaahi KHair jo shar waan nahin to yaa bhi nahin | इलाही ख़ैर जो शर वाँ नहीं तो याँ भी नहीं

  - Agha Hajju Sharaf
इलाहीख़ैरजोशरवाँनहींतोयाँभीनहीं
तअम्मुलइसमेंअगरवाँनहींतोयाँभीनहीं
कुछउनघरसेनहींकमहमाराख़ाना-ए-दिल
जोआदमीकागुज़रवाँनहींतोयाँभीनहीं
वोजानलेतेहैंहमउनपेजानदेतेहैं
नसीहतोंकाअसरवाँनहींतोयाँभीनहीं
मरेमिटेंगेहमदिलयहीजोचश्मकहै
सफ़ाईमद्द-ए-नज़रवाँनहींतोयाँभीनहीं
करेगानाज़तड़पनेमेंहमसेक्याबिस्मिल
कमी-ए-दर्द-ए-जिगरवाँनहींतोयाँभीनहीं
वोतेग़-ज़नहैंतोहमभीजिगरपेरोकेंगे
जोएहतियाज-ए-सिपरवाँनहींतोयाँभीनहीं
वोबे-ख़बरहैंजहाँसेतोहमहैंख़ुद-रफ़्ता
ज़मानेकीजोख़बरवाँनहींतोयाँभीनहीं
ख़जिलहैंगालोंसेउनकेहमारेदाग़ोंसे
फ़रोग़-ए-शम्स-ओ-क़मरवाँनहींतोयाँभीनहीं
तुमआइनेमेंयेकिसनाज़नींसेकहतेथे
बग़ौरदेखकमरवाँनहींतोयाँभीनहीं
शब-ए-मज़ारसेकुछकमनहींहैशाम-ए-फ़िराक़
अगरअसीर-ए-सहरवाँनहींतोयाँभीनहीं
वोगालीदेंगेतोबोसा'शरफ़'मैंलेलूँगा
लिहाज़-ए-पासअगरवाँनहींतोयाँभीनहीं
  - Agha Hajju Sharaf
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