hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Afzal Sultanpuri
jidhar dekha udhar nazar aaya
jidhar dekha udhar nazar aaya | जिधर देखा उधर नज़र आया
- Afzal Sultanpuri
जिधर
देखा
उधर
नज़र
आया
यार
मेरा
किधर
नज़र
आया
- Afzal Sultanpuri
Download Sher Image
सीने
लगाऊँ
ग़ैर
को
तो
पूछता
है
दिल
किसकी
जगह
थी
और
ये
सीने
पे
कौन
है
Ankit Maurya
Send
Download Image
58 Likes
वो
चाहे
मजनूँ
हो,
फ़रहाद
हो
कि
राँझा
हो
हर
एक
शख़्स
मेरा
हम
सबक़
निकलता
है
Munawwar Rana
Send
Download Image
27 Likes
तुम्हारी
राह
में
मिट्टी
के
घर
नहीं
आते
इसलिए
तो
तुम्हें
हम
नज़र
नहीं
आते
Waseem Barelvi
Send
Download Image
45 Likes
इश्क़
हुआ
है
क्या
तुझ
को
भी
तेरा
जो
होगा
सो
होगा
shaan manral
Send
Download Image
3 Likes
दिल
से
साबित
करो
कि
ज़िंदा
हो
साँस
लेना
कोई
सुबूत
नहीं
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
137 Likes
रात
हो,
चाँद
हो,
बारिश
भी
हो
और
तुम
भी
हो
ऐसा
मुमकिन
ही
नहीं
है
कि
कभी
हो
मिरे
साथ
Faiz Ahmad
Send
Download Image
7 Likes
जिस
तरफ़
तू
है
उधर
होंगी
सभी
की
नज़रें
ईद
के
चाँद
का
दीदार
बहाना
ही
सही
Amjad Islam Amjad
Send
Download Image
34 Likes
ग़ज़ल
पूरी
न
हो
चाहे,
मग़र
इतनी
सी
ख़्वाहिश
है
मुझे
इक
शे'र
कहना
है
तेरे
रुख़्सार
की
ख़ातिर
Siddharth Saaz
Send
Download Image
13 Likes
नापता
हूँ
मैं
ख़यालात
की
गहराई
को
कौन
समझेगा
मेरी
बात
की
गहराई
को
Charagh Sharma
Send
Download Image
38 Likes
इसी
ख़्वाब
में
ज़ाया'
किया
'ईद
को
हर
दम
कभी
बोले
वो
सीने
से
लगकर
मुबारक
हो
Harsh saxena
Send
Download Image
6 Likes
Read More
रुख़्सत
तुझ
को
होते
देखे
ख़ुद
को
कैसे
रोते
देखे
Afzal Sultanpuri
Send
Download Image
2 Likes
मिलने
आना
तो
ऐसे
आना
तुम
जब
भी
आना
तो
फिर
ना
जाना
तुम
Afzal Sultanpuri
Send
Download Image
5 Likes
किया
जब
प्यार
दिलबर
ने
हमारे
बहुत
ख़ुश
थे
जहाँ
के
सब
सितारे
नहीं
मिलना
हमें
कुछ
भी
यहाँ
पर
चले
अफ़ज़ल
ख़ुदा
के
हम
सहारे
बचा
सकते
नहीं
अब
हम
सफ़ीना
चले
आते
भला
कैसे
किनारे
मुझे
तो
नींद
भी
आती
नहीं
है
बता
हम
ज़िन्दगी
कैसे
सँवारे
लगाए
घाव
पे
मरहम
मेरे
पर
निशाँ
सब
तो
लगाए
हैं
तुम्हारे
तुम्हें
हम
सेे
मोहब्बत
थी
मगर
अब
बहुत
रोने
लगे
बच्चे
बिचारे
Read Full
Afzal Sultanpuri
Download Image
3 Likes
मौत
का
जो
नाम
सुनकर
डर
गए
डर
गए
वो
आज
अपने
घर
गए
छोड़
देता
किस
तरह
से
यार
को
साथ
में
हम
यार
के
अक्सर
गए
था
तुम्हारे
ही
भरोसे
ख़ैर
हो
कब
हमारे
पास
चारा-गर
गए
नींद
की
हम
गोलियाँ
खाने
लगे
फिर
पता
चलता
किसे
वो
मर
गए
जिस
जनाज़े
से
लिपटकर
रो
रहे
हाँ
वही
अफ़ज़ल
कभी
दर
दर
गए
Read Full
Afzal Sultanpuri
Download Image
2 Likes
मुहब्बत
कर
रही
हो
तुम
क़यामत
कर
रही
हो
तुम
ये
इज़्ज़त
तो
मिली
तुम
से
हिफाज़त
कर
रही
हो
तुम
कि
आयत
पढ़
रहा
था
मैं
इबादत
कर
रही
हो
तुम
सलीक़े
पर
मिरे
अफ़ज़ल
मशर्रत
कर
रही
हो
तुम
Read Full
Afzal Sultanpuri
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Garmi Shayari
Bebas Shayari
Khyaal Shayari
Chai Shayari
Birthday Shayari