कलअपनेशहरकीबसमेंसवारहोतेहुए
वोदेखताथामुझेअश्क-बारहोतेहुए
परिंदेआएतोगुम्बदपेबैठजाएँगे
नहींशजरकीज़रूरतमज़ारहोतेहुए
हैएकऔरभीसूरतरज़ा-ओ-कुफ़्रकेबीच
किशकभीदिलमेंरहेए'तिबारहोतेहुए
मिरेवजूदसेधागानिकलगयाहैदोस्त
मैंबे-शुमारहुआहूँशुमारहोतेहुए
डुबोरहाहैमुझेडूबनेकाख़ौफ़अबतक
भँवरकेबीचहूँदरियाकेपारहोतेहुए
वोक़ैद-ख़ानाग़नीमतथामुझसेबे-घरको
येज़ेहनहीमेंनआयाफ़रारहोतेहुए