gham ka mausam beet gaya so rona kya | ग़म का मौसम बीत गया सो रोना क्या

  - Afzaal Firdaus
ग़मकामौसमबीतगयासोरोनाक्या
कलकेग़मकोआजकेदिनमेंबोनाक्या
ठीकहैहमइक-दूसरेकेमहबूबनहीं
लेकिनमेरेदोस्ततोअबभीहोनाक्या
औरबहुतसेकामपड़ेहैंकरनेके
अश्कोंकेसत-रंगेहारपिरोनाक्या
जिसकोमेरीहालतकाएहसासनहीं
उसकोदिलकाहालसुनाकररोनाक्या
बे-शकसारीरातकटीहैआँखोंमें
अबउजयाराफैलगयातोसोनाक्या
तुमनेहँसतेहँसतेनातातोड़लिया
लेकिनसचसचबतलाओख़ुशहोनाक्या
  - Afzaal Firdaus
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