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Aditya Kumar 'Chaudhary'
ab meri zindagi men vo shaKHs hi nahin
ab meri zindagi men vo shaKHs hi nahin | अब मेरी ज़िन्दगी में वो शख़्स ही नहीं
- Aditya Kumar 'Chaudhary'
अब
मेरी
ज़िन्दगी
में
वो
शख़्स
ही
नहीं
जिसके
बगै़र
सोची
थी
ज़िंदगी
नहीं
- Aditya Kumar 'Chaudhary'
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ज़िन्दगी
अब
के
मेरा
नाम
ना
शामिल
करना
गर
ये
तय
है
कि
यही
खेल
दोबारा
होगा
Wasi Shah
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ज़िंदगी
एक
कहानी
के
सिवा
कुछ
भी
नहीं
लोग
किरदार
निभाते
हुए
मर
जाते
हैं
Malikzada Javed
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शौक़,लत,आवारगी,अय्याशी
में
गुज़री
हमारी
ज़िन्दगी
अब
तू
मुनासिब
सी
सज़ा
दे
गिनती
करके
Kartik tripathi
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ये
मेरी
ज़िद
ही
ग़लत
थी
कि
तुझ
सेा
बन
जाऊँ
मैं
अब
न
अपनी
तरह
हूँ
न
तेरे
जैसा
हूँ
हमारे
बीच
ज़माने
की
बदगुमानी
है
मैं
ज़िंदगी
से
ज़रा
कम
ही
बात
करता
हूँ
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Subhan Asad
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बहन
ने
बाँध
कर
राखी
बचा
ली
ज़िंदगी
वर्ना
ज़रा
सा
वक़्त
बाक़ी
था
हमारी
नब्ज़
थमने
में
Harsh saxena
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छोड़कर
तन्हा
मुझे
जन्नत
में
रहने
लग
गए
हो
और
मैंने
ज़िन्दगीं
कर
ली
जहन्नम
शा'इरी
में
"Nadeem khan' Kaavish"
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एक
ही
नदी
के
हैं
ये
दो
किनारे
दोस्तो
दोस्ताना
ज़िंदगी
से
मौत
से
यारी
रखो
Rahat Indori
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दूसरी
कोई
लड़की
ज़िंदगी
में
आएगी
कितनी
देर
लगती
है
उस
को
भूल
जाने
में
Bashir Badr
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ज़िंदगी
भर
के
लिए
दिल
पे
निशानी
पड़
जाए
बात
ऐसी
न
लिखो,
लिख
के
मिटानी
पड़
जाए
Aadil Rasheed
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उसके
जाने
और
आने
में
फ़क़त
यह
फ़र्क़
है
दूर
जाती
मौत
है
तो
पास
आती
ज़िन्दगी
Divy Kamaldhwaj
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तुम
भी
बेहाल
थे
हम
भी
बेहाल
थे
थी
मुहब्बत
सो
ख़ुश
और
आमाल
थे
याद
है
क्या
तुम्हें
वो
मिलन
आख़िरी
अश्रुओं
से
जो
भीगे
हुए
गाल
थे
मन
में
हलचल-सी
थी
दिल
ये
बेचैन
था
पसरे
जीवन
के
आगे
जो
जंजाल
थे
सोचता
हूँ
मैं
जब
भी
वो
दिन
वस्ल
के
सोचता
हूँ
कि
दिन
कितने
ख़ुशहाल
थे
दूसरी
बेंच
पर
था
मैं
बैठा
हुआ
तुम
जो
आए
हुए
फिर
बुरे
हाल
थे
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Aditya Kumar 'Chaudhary'
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आप
भी
चल
दिए
याद
भी
आपकी
मुझको
खाती
रही
फिर
कमी
आपकी
हाए
क़िस्मत
ने
कैसा
सितम
ये
किया
दोस्ती
भी
नहीं
अब
बची
आपकी
इस
सेे
बेहतर
है
मिलने
नहीं
आइए
जानलेवा
है
ये
ख़ामुशी
आपकी
बे-वफ़ाई
पे
दुनिया
ये
जो
भी
कहे
पर
समझता
हूँ
मैं
बेबसी
आपकी
इस
सेे
बढ़कर
तो
क्या
ही
मैं
अर्पित
करूँँ
ज़िंदगी
आपकी
शा'इरी
आपकी
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Aditya Kumar 'Chaudhary'
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बे-वफ़ाई
पे
दुनिया
ये
जो
भी
कहे
पर
समझता
हूँ
मैं
बेबसी
आपकी
Aditya Kumar 'Chaudhary'
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इस
सेे
बढ़कर
तो
क्या
ही
मैं
अर्पित
करूँँ
ज़िंदगी
आपकी
शा'इरी
आपकी
Aditya Kumar 'Chaudhary'
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मुस्कुराते
रहेंगे
मुझे
देखकर
इक
दफ़ा
तो
कभी
फिर
से
पास
आइए
Aditya Kumar 'Chaudhary'
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