hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Adesh Rathore
vaise to dar-b-dar nahin hoon main
vaise to dar-b-dar nahin hoon main | वैसे तो दर-ब-दर नहीं हूॅं मैं
- Adesh Rathore
वैसे
तो
दर-ब-दर
नहीं
हूॅं
मैं
इतना
भी
बे-असर
नहीं
हूॅं
मैं
सोचता
हूॅं
तुझे
तो
लगता
है
क्यूँँॅं
तेरा
हम
सेफ़र
नहीं
हूॅं
मैं
- Adesh Rathore
Download Sher Image
धोखे
और
ग़म
मिले
हुए
हैं
उजड़
चुके
हैं
खिले
हुए
हैं
चीख
रहा
है
जे़हन
हमारा
होंठ
किसी
ने
सिले
हुए
हैं
Read Full
Adesh Rathore
Send
Download Image
1 Like
ज़रूरी
है
हमें
मिलती
रहे
छाया
बुज़ुर्गों
की
नलों
के
पास
ये
फुलवार
याँ
बेहद
ज़रूरी
है
Adesh Rathore
Send
Download Image
0 Likes
इश्क़
की
बात
ख़ुद
शुरू
करके
जा
रहे
हो
कहाँ
वुज़ू
करके
सच
बताऊॅं
तो
कुछ
नहीं
होता
मैंने
देखा
है
उसको
छू
करके
हमने
इक
ज़िंदगी
गुज़ारी
है
अपनी
आँखें
लहू
लहू
करके
आप
कहते
थे
कल
को
जो
हम
सेे
बात
करते
हैं
अब
वो
तू
करके
Read Full
Adesh Rathore
Download Image
1 Like
जाता
नहीं
है
जिस्म
से
कैसा
बुखार
है
लगता
है
ये
जनाब
का
पहला
बुख़ार
है
आया
ख़राब
वक़्त
तो
कहने
लगे
हैं
लोग
ख़ुद
देखिए
ये
आपका
अपना
बुख़ार
है
पैसा
ही
इक
अज़ीज़
है
जिनको
वो
कहते
हैं
पैसा
नहीं
है
ज़िंदगी
पैसा
बुख़ार
है
कहने
लगा
तबीब
मेरा
हाल
देखकर
इक
शख़्स
की
कमी
है
सो
हल्का
बुख़ार
है
Read Full
Adesh Rathore
Download Image
1 Like
मेरे
हमदम
दिसंबर
की
नमी
रातों
में
भी
अक्सर
तुम्हारी
याद
आती
है
पसीने
छूट
जाते
हैं
Adesh Rathore
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Khafa Shayari
Dariya Shayari
Revenge Shayari
Sharm Shayari
Hunar Shayari