zindagi be-vafaaii karne lagii | ज़िंदगी बे-वफ़ाई करने लगी

  - Prashant Kumar
ज़िंदगीबे-वफ़ाईकरनेलगी
मुझसेेमेरीबुराईकरनेलगी
वोतोचलआदमीहैछोड़उसे
ज़िंदगीबे-वफ़ाईकरनेलगी
ग़मसेदिलक्यालगालियामैंने
ज़िंदगीमुँह-दिखाईकरनेलगी
दुनियाहँसतीथीहालपेमेरे
आजघरमेंसफ़ाईकरनेलगी
चंदख़ुशियाँछुपीहुईथींकहीं
सोवोसबमेंख़ुदाईकरनेलगी
मैंबनानेलगाहूँरोटियाँअब
वोनिराईगुड़ाईकरनेलगी
  - Prashant Kumar
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