ye jahaan hirs ka bazaar nazar aata hai | ये जहाँ हिर्स का बाज़ार नज़र आता है

  - Prashant Kumar
येजहाँहिर्सकाबाज़ारनज़रआताहै
हरकोईतनकाख़रीदारनज़रआताहै
इननिगाहोंकोजोदिलदारनज़रआताहै
मिरेअश्कोंकाख़रीदारनज़रआताहै
चलमुझेतूहीबताकैसेकरूँँतुझपेयक़ीं
तिरीबातोंमेंपलटवारनज़रआताहै
कौनकहताहैमोहब्बतहैमज़ाजुर्मनहीं
मुझेहरशख़्सगुनहगारनज़रआताहै
इश्क़जबसेहुआस्कूलनहींजाताहूँ
अबमुझेरोज़हीइतवारनज़रआताहै
नहींचलताहैपताकैसेबदलताहैरंग
तूमोहब्बतमेंकलाकारनज़रआताहै
किबरतनेसेहीखुलतीहैहक़ीक़तसबकी
वरनाहरशख़्सवफ़ादारनज़रआताहै
वहीइल्ज़ामलगातीहैंनकलचीहैतू
जिननिगाहोंकोअदाकारनज़रआताहै
वोमुझेशाम-ओ-सहरघूरतीहीरहतीहैं
जिननिगाहोंमेंमुझेप्यारनज़रआताहै
  - Prashant Kumar
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