नज़रनज़रमेंमिरादिलचुरालियाउसने
किरातबाम-ए-फ़लकपरबुलालियाउसने
मुझीकोदेखरहीथींबहिश्तकीपरियाँ
नज़रउतारकेदिलमेंछुपालियाउसने
कोईहसीनमुझीपरफ़िदानहोजाए
पकड़केहाथकनेहीसुलालियाउसने
नहींहुआमरज़-ए-ला-'इलाजठीककहीं
ख़ुदाकेपासभीमुझकोदिखालियाउसने
कहाथावक़्त-ए-मुलाक़ातयादरखियोबस
मिरातोनामलबोंपरसजालियाउसने
खरोंचआईज़रासीमुझेसोग़ुस्सेमें
ख़ुदाकोआजकिसरपेउठालियाउसने