milne kii aarzoo thii magar dil nahin mile | मिलने की आरज़ू थी मगर दिल नहीं मिले

  - Prashant Kumar
मिलनेकीआरज़ूथीमगरदिलनहींमिले
सबहोशवालेमिलगएग़ाफ़िलनहींमिले
इकबारऔरदेखलेख़ालिक़सेपूछकर
जाहिलमिलेतोठीकहैक़ाबिलनहींमिले
ख़ंजरतोमिलगयाकहींलुंजाकेहाथमें
हाकिमकोमेरीजानकेक़ातिलनहींमिले
देखोतोजारहेहैंसभीधूलझोंककर
कोईभीशख़्सआँखकेक़ाबिलनहींमिले
हैंतोसुख़न-वरीकेबहुतजानकारपर
"अहमदफ़राज़"साकोईक़ाबिलनहींमिले
तैराकहोकेपूछरहासैल-ए-अश्कमें
क्यूँँडूबनेकेबादभीसाहिलनहींमिले
कहतेतोथेख़ुशीमेंहमआतेज़रूरहैं
फिरक्यूँँमिरेजनाज़ेमेंशामिलनहींमिले
  - Prashant Kumar
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