log baarish ko bhigone ka hunar rakhte hain | लोग बारिश को भिगोने का हुनर रखते हैं

  - Prashant Kumar
लोगबारिशकोभिगोनेकाहुनररखतेहैं
हमसमुंदरकोसुखानेकाजिगररखतेहैं
हमेंबर्बादहसीनोंनेकियावरनाहम
आसमानोंकोझुकानेकाहुनररखतेहैं
दुनियालोगोंकोगिरानेकाहुनररखतीहै
औरहमसबकोउठानेकाहुनररखतेहैं
मुझेइकबातबतादेमैंजिधरजाताहूँ
क्यूँँसभीलोगक़दमअपनेउधररखतेहैं
क्यासभीलोगतिरेशहरमेंपागलहैंप्रशांत
क्यूँँछुपातेहैंमिरेज़ख़्मकिधररखतेहैं
  - Prashant Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy