jo log bhi ban ke yahaañ insaan rahe hain | जो लोग भी बन के यहाँ इंसान रहे हैं

  - Prashant Kumar
जोलोगभीबनकेयहाँइंसानरहेहैं
इंसानसेवोलोगपरेशानरहेहैं
हाथोंनेभीतक़दीरसँवारीहैतुम्हारी
तुमपरमिरेहोंटोंकेभीएहसानरहेहैं
ग़ैरोंकाइलाकाहोयाअपनोंकीहोबस्ती
हमलोगहरआँगनमेंहीइंसानरहेहैं
जोलोगतुम्हेंलगतेमिरीजानकेदुश्मन
उनकेहीमिरेसरपेसबएहसानरहेहैं
औरोंकीहिफ़ाज़तमेंकिजोख़ुदकोगुमादे
उसशख़्सकेहीफ़ैनयेभगवानरहेहैं
  - Prashant Kumar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy