ghar ka rastaa bhi mila tha shaayad | घर का रस्ता भी मिला था शायद

  - Ada Jafarey
घरकारस्ताभीमिलाथाशायद
राहमेंसंग-ए-वफ़ाथाशायद
इसक़दरतेज़हवाकेझोंके
शाख़परफूलखिलाथाशायद
जिसकीबातोंकेफ़सानेलिक्खे
उसनेतोकुछकहाथाशायद
लोगबे-मेहरहोतेहोंगे
वहमसादिलकोहुआथाशायद
तुझकोभूलेतोदु'आतकभूले
औरवहीवक़्त-ए-दुआथाशायद
ख़ून-ए-दिलमेंतोडुबोयाथाक़लम
औरफिरकुछलिखाथाशायद
दिलकाजोरंगहैयेरंग'अदा'
पहलेआँखोंमेंरचाथाशायद
  - Ada Jafarey
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy