jo padhne ke li.e usko diya diya jaa.e | जो पढ़ने के लिए उसको दिया दिया जाए

  - Abhishar Geeta Shukla
जोपढ़नेकेलिएउसकोदियादियाजाए
तोमेरेजिस्मकोइकख़तबनादियाजाए
वोरूहप्यासहैमेरीसोचाहताहूँमैं
बदनहटाकेमुझेरास्तादियाजाए
वोलड़कीरोज़यहीकहतीरहतीहैमुझसेे
चलोचराग़जलाकेबुझादियाजाए
हमीपरिंदेकेहरज़ख़्मकाख़यालरखें
हमींसेलेकेकबूतरउड़ादियाजाए
तोइससेपहलेकिमुझकोभरमहोहँसनेका
तमाशाख़त्महोपर्दागिरादियाजाए
येजिस्मआँसुओंसेइतनाभरचुकाहैदोस्त
मिटाकेअबमुझेदरियाबनादियाजाए
यहींछुआथामुझेछोड़तेहुएउसने
यहाँकेज़ख़्मकोगहराबनादियाजाए
  - Abhishar Geeta Shukla
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