सवाल का जवाब था जवाब के सवाल में

  - Abdul Ahad Saaz
सवालकाजवाबथाजवाबकेसवालमें
गिरफ़्त-ए-शोरसेछुटेतोख़ामुशीकेजालमें
बुराहोआईनेतेरामैंकौनहूँखुलसका
मुझीकोपेशकरदियागयामेरीमिसालमें
बक़ा-तलबथीज़िंदगीशिफ़ा-तलबथाज़ख़्म-ए-दिल
फ़नामगरलिखीगईहैबाब-ए-इंदिमालमें
कहींसबातहैनहींयेकाएनातहैनहीं
मगरउमीद-ए-दीदमेंतसव्वुर-ए-जमालमें
क़दीमसेहटेतोहमजदीदमेंउलझगए
निकलकेगर्दिश-ए-फ़लकसेमौसमोंकेजालमें
  - Abdul Ahad Saaz
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