ग़ैबसेइकनूरकाटुकड़ागिरायेक्याहुआ
इंतिहाहैयेकोईयाइब्तिदायेक्याहुआ
कौनसामंज़रहैजोमैंदेखनेसेडरगया
फूॅंकसेमेरीबुझामेरादियायेक्याहुआ
शहरमेंतोआतिशोंकारक़्सबरपाहैमगर
आरहीहैसर्दखिड़कीसेहवायेक्याहुआ
नफ़सियातीऐबहैयाफिरनिदा-ए-ग़ैबहै
देरहाहैकौनरोरोकरसदायेक्याहुआ
रक़्स-ए-गिरियाॅंधुन्धजैसीशयकोईकरनेलगी
इकधुऑयकदमरज़ाईसेउठायेक्याहुआ
आजदोमुर्दासितारेशौक़मेंटकरागए
औरभीफैलीख़लाओंमेंख़लायेक्याहुआ
येग़ज़लपाईगईहैख़्वाबकीता'बीरमें
इसग़ज़लकोनींदमेंमैंनेकहायेक्याहुआ