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Ajeetendra Aazi Tamaam
nahin ustaad koi unke jaisa
nahin ustaad koi unke jaisa | नहीं उस्ताद कोई उनके जैसा
- Ajeetendra Aazi Tamaam
नहीं
उस्ताद
कोई
उनके
जैसा
जो
समझाए
सुख़न
के
हर
भँवर
को
ग़ज़ल
है
मुंतज़िर
इस्लाह
को
इक
मिलो
गर
तुम
तो
ये
कहना
"समर"
को
- Ajeetendra Aazi Tamaam
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अब
न
निकलूँगा
तेरी
बाँहों
से,
अपनी
हद
में
रहा
करूँँगा
मैं
मेरे
सीने
में
है
मेरा
उस्ताद
इसने
जो
भी
कहा
करूँँगा
मैं
Zubair Ali Tabish
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मु-ए-जुज़
'मीर'
जो
थे
फ़न
के
उस्ताद
यही
इक
रेख़्ता-गो
अब
रहा
है
Mushafi Ghulam Hamdani
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मेरे
संग-ए-मज़ार
पर
फ़रहाद
रख
के
तेशा
कहे
है
या
उस्ताद
Meer Taqi Meer
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महरूम
हूँ
मैं
ख़िदमत-ए-उस्ताद
से
'मुनीर'
कलकत्ता
मुझ
को
गोर
से
भी
तंग
हो
गया
Muneer Shikohabadi
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रहबर
भी
ये
हमदम
भी
ये
ग़म-ख़्वार
हमारे
उस्ताद
ये
क़ौमों
के
हैं
में'मार
हमारे
Unknown
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उस्ताद
के
एहसान
का
कर
शुक्र
'मुनीर'
आज
की
अहल-ए-सुख़न
ने
तिरी
ता'रीफ़
बड़ी
बात
Muneer Shikohabadi
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माँ
बाप
और
उस्ताद
सब
हैं
ख़ुदा
की
रहमत
है
रोक-टोक
उन
की
हक़
में
तुम्हारे
नेमत
Altaf Hussain Hali
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किस
तरह
'अमानत'
न
रहूँ
ग़म
से
मैं
दिल-गीर
आँखों
में
फिरा
करती
है
उस्ताद
की
सूरत
Amanat Lakhnavi
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देखा
न
कोहकन
कोई
फ़रहाद
के
बग़ैर
आता
नहीं
है
फ़न
कोई
उस्ताद
के
बग़ैर
Unknown
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अगर
जन्नत
मिला
करती
फ़क़त
सज्दों
के
बदले
में
तो
फिर
इबलीस
मुर्शिद
सब
सेे
पहले
जन्नती
होता
Shajar Abbas
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तुम्हारे
शह्र
में
आकर
ठिकाना
ढूँढते
हैं
हम
अपने
शह्र
में
होते
तो
घर
गए
होते
Ajeetendra Aazi Tamaam
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हर
घड़ी
इस
ज़ेहन-ओ-दिल
में
गुफ़्तगू
क्या
है
कोई
समझाए
हमें
ये
जुस्तुजू
क्या
है
Ajeetendra Aazi Tamaam
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रहे
सरहद
का
सैनिक
जोश
में
ये
सोच
कर
हर
पल
खड़ा
हूँ
मैं
सुरक्षित
अब
मेरा
अपना
वतन
होगा
न
बच
पाए
कोई
दुश्मन
भले
ये
जाँ
चली
जाए
मेरी
क़िस्मत
में
भी
इक
दिन
तिरंगे
का
कफ़न
होगा
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Ajeetendra Aazi Tamaam
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ग़म-ज़दा
आँखों
का
पानी
बोलता
है
बे-ज़बानी
मार
ही
डालेगी
हमको
आज
उनकी
सरगिरानी
आपकी
हर
बात
वाजिब
और
हमारी
लंतरानी
जाने
किसकी
बद्दुआ
है
वक़्त-ए-गर्दिश
जाँ-सितानी
दर्द-ओ-ग़म
रास
आ
रहे
हैं
बुझ
रही
है
ज़िंदगानी
कौन
जाने
कब
कहाँ
से
आए
मर्ग-ए-ना-गहानी
ले
के
फागुन
आ
गया
फिर
फ़स्ल-ए-गुल
की
छेड़खानी
कैसे
मैं
समझाऊँ
ख़ुद
को
संग
दिल
है
मेरा
जानी
बोलते
हैं
चोर
अक्सर
शाह
ख़ुद
को
ख़ानदानी
कौन
जाने
रूह
क्या
है
फ़ानी
है
या
जावेदानी
मुफ़्लिसी
को
देखा
सोते
ओढ़कर
रंग
आसमानी
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Ajeetendra Aazi Tamaam
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लगा
के
आँख
पे
देखा
तो
रहनुमा
पानी
हटा
के
आँख
से
देखा
तो
आइना
पानी
Ajeetendra Aazi Tamaam
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