hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ajeetendra Aazi Tamaam
na
na | नदी जो बह रही थी आज कल ठहरी हुई है
- Ajeetendra Aazi Tamaam
नदी
जो
बह
रही
थी
आज
कल
ठहरी
हुई
है
कहानी
चोट
खा
खा
कर
ही
तो
गहरी
हुई
है
मिरी
जाँ
इतनी
जल्दी
थक
गए
तुम
ज़िंदगी
से
अभी
तो
ज़िंदगी
की
बस
याँ
दोपहरी
हुई
है
- Ajeetendra Aazi Tamaam
Download Sher Image
तुम्हारी
मौत
मेरी
ज़िंदगी
से
बेहतर
है
तुम
एक
बार
मरे
मैं
तो
बार
बार
मरा
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
66 Likes
क्या
ख़ुशी
में
ज़िंदगी
का
होश
कम
रह
जाएगा
ग़म
अगर
मिट
भी
गया
एहसास-ए-ग़म
रह
जाएगा
Shakeel Badayuni
Send
Download Image
25 Likes
किराए
के
घर
में
गई
ज़िन्दगी
कहाँ
ज़िन्दगी
में
रही
ज़िन्दगी
Umesh Maurya
Send
Download Image
1 Like
मुझे
चाह
थी
किसी
और
की,
प
मुझे
मिला
कोई
और
है
मेरी
ज़िन्दगी
का
है
और
सच,
मेरे
ख़्वाब
सा
कोई
और
है
तू
क़रीब
था
मेरे
जिस्म
के,
बड़ा
दूर
था
मेरी
रूह
से
तू
मेरे
लिए
मेरे
हमनशीं
कोई
और
था
कोई
और
है
Read Full
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
5 Likes
हर
एक
काम
है
धोका
हर
एक
काम
है
खेल
कि
ज़िंदगी
में
तमाशा
बहुत
ज़रूरी
है
Khaleel Mamoon
Send
Download Image
22 Likes
ज़िंदगी
ज़िंदा-दिली
का
है
नाम
मुर्दा-दिल
ख़ाक
जिया
करते
हैं
Imam Bakhsh Nasikh
Send
Download Image
43 Likes
ज़ख़्म
जो
तुम
ने
दिया
वो
इस
लिए
रक्खा
हरा
ज़िंदगी
में
क्या
बचेगा
ज़ख़्म
भर
जाने
के
बाद
Azm Shakri
Send
Download Image
42 Likes
कुछ
बेटियाँ
बिन
बाप
के
भी
काटती
हैं
ज़िंदगी
कुछ
बेटियों
के
सिर
पे
दोनों
हाथ
माँ
के
होते
हैं
Bhoomi Srivastava
Send
Download Image
7 Likes
चार
दिन
झूठी
बाहों
के
आराम
से
मेरी
बिखरी
हुई
ज़िंदगी
ठीक
है
दोस्ती
चाहे
जितनी
बुरी
हो
मगर
प्यार
के
नाम
पर
दुश्मनी
ठीक
है
Read Full
SHIV SAFAR
Send
Download Image
3 Likes
हम
हैं
ना!
ये
जो
मुझ
सेे
कहते
हैं
ख़ुद
किसी
और
के
भरोसे
हैं
ज़िंदगी
के
लिए
बताओ
कुछ
ख़ुद-कुशी
के
तो
सौ
तरीक़े
हैं
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
Send
Download Image
92 Likes
Read More
बहुत
शिकवे
गिले
हैं
हमको
अपनी
ज़िंदगी
से
पर
उसूलों
से
तो
हम
अपने
कभी
सौदा
नहीं
करते
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
1 Like
छोटी
सी
ज़िंदगी
है
सनम
रूठते
नहीं
इतनी
सी
बात
कौन
ये
समझाए
आपको
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
0 Likes
इश्क़
का
कर्ज़दार
हूँ
कब
से
बोसा
बोसा
हिसाब
देना
है
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
0 Likes
धर्म
से
जोड़ा
गया
है
जाति
में
तोला
गया
है
आदमी
को
जान-ए-मन
कब
आदमी
समझा
गया
है
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
4 Likes
भले
हों
ख़ून
के
रिश्ते
या
दुनिया
के
फ़रिश्ते
हों
ग़म-ए-ग़ुर्बत
के
मारों
को
सहारा
कौन
देता
है
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
3 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bewafa Shayari
Father Shayari
Ishaara Shayari
Kitab Shayari
Shikwa Shayari