hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ajeetendra Aazi Tamaam
madhosh hai koi to koi be shooor hai
madhosh hai koi to koi be shooor hai | मदहोश है कोई तो कोई बे शुऊर है
- Ajeetendra Aazi Tamaam
मदहोश
है
कोई
तो
कोई
बे
शुऊर
है
हर
दिल
पे
सुब्हो
शाम
ये
कैसा
सुरूर
है
- Ajeetendra Aazi Tamaam
Download Sher Image
दिल
को
तेरी
चाहत
पे
भरोसा
भी
बहुत
है
और
तुझ
से
बिछड़
जाने
का
डर
भी
नहीं
जाता
Ahmad Faraz
Send
Download Image
82 Likes
दोस्त
ने
दिल
को
तोड़
के
नक़्श-ए-वफ़ा
मिटा
दिया
समझे
थे
हम
जिसे
ख़लील
काबा
उसी
ने
ढा
दिया
Arzoo Lakhnavi
Send
Download Image
16 Likes
उम्र
गुज़री
दवाएँ
करते
'मीर'
दर्द-ए-दिल
का
हुआ
न
चारा
हनूज़
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
17 Likes
इतनी
सारी
यादों
के
होते
भी
जब
दिल
में
वीरानी
होती
है
तो
हैरानी
होती
है
Afzal Khan
Send
Download Image
23 Likes
रात
यूँँ
दिल
में
तिरी
खोई
हुई
याद
आई
जैसे
वीराने
में
चुपके
से
बहार
आ
जाए
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
33 Likes
हर
धड़कते
पत्थर
को
लोग
दिल
समझते
हैं
'उम्रें
बीत
जाती
हैं
दिल
को
दिल
बनाने
में
Bashir Badr
Send
Download Image
49 Likes
उस
के
दिल
की
आग
ठंडी
पड़
गई
मुझ
को
शोहरत
मिल
गई
इल्ज़ाम
से
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
21 Likes
तुम्हारे
ख़त
को
जलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
ये
दिल
बाहर
निकलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
तुम्हारा
फ़ैसला
है
पास
रुकना
या
नहीं
रुकना
मेरी
क़िस्मत
बदलने
में
ज़रा
सा
वक़्त
बाकी
है
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
18 Likes
जब
ज़रा
रात
हुई
और
मह
ओ
अंजुम
आए
बार-हा
दिल
ने
ये
महसूस
किया
तुम
आए
Asad Bhopali
Send
Download Image
21 Likes
हम
मिल
के
आ
गए
मगर
अच्छा
नहीं
लगा
फिर
यूँँ
हुआ
असर
कि
घर
अच्छा
नहीं
लगा
इक
बार
दिल
में
तुझ
सेे
जुदाई
का
डर
बना
फिर
दूसरा
कोई
भी
डर
अच्छा
नहीं
लगा
Read Full
Shriyansh Qaabiz
Send
Download Image
50 Likes
Read More
वफ़ा
करना
हमें
खलता
रहा
है
मुहब्बत
में
ये
दिल
जलता
रहा
है
ग़मों
की
आँधियाँ
सहते
रहे
हैं
ज़फ़ा
का
सिलसिला
चलता
रहा
है
ख़ता
करना
हमें
मंज़ूर
कब
था
ख़ता-वारों
को
ये
खलता
रहा
है
निकल
आए
हर
इक
जंजाल
से
हम
ज़माना
हाथ
को
मलता
रहा
है
हुई
जिस
पर
बुज़ुर्गों
की
इनायत
हक़ीक़ी
राह
पर
चलता
रहा
है
घटा
कर
साँसें
देता
है
नया
दिन
समय
हर
शख़्स
को
छलता
रहा
है
तराशो
ज़ेहन
को
दिन
रात
अपने
बदन
का
हुस्न
तो
ढलता
रहा
है
उसे
पाने
की
कोशिश
में
लगे
हैं
जिगर
में
ख़्वाब
जो
पलता
रहा
है
Read Full
Ajeetendra Aazi Tamaam
Download Image
2 Likes
दिल
में
लाखों
शिकायतें
हैं
पर
बे-वफ़ाओं
से
क्या
गिला
शिकवा
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
3 Likes
किसी
को
रौशनी
देने
की
ख़ातिर
चराग़
इक
उम्र
भर
जलता
रहा
है
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
0 Likes
जाने
रहती
है
जुस्तजू
किसकी
ऐसा
लगता
है
शाम
ख़ाली
है
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
1 Like
शहीदों
ने
लिखी
ये
दास्तान-ए-खूँ
मुबारक
हो
मैं
हिंदुस्तान
हूँ
हर
दिल
में
ज़िंदा
हूँ
मुबारक
हो
Ajeetendra Aazi Tamaam
Send
Download Image
4 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Aashiq Shayari
Angdaai Shayari
Maa Shayari
Shohrat Shayari
Muskurahat Shayari