hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Aatish Indori
khaak din achchhe baad men nikle
khaak din achchhe baad men nikle | ख़ाक दिन अच्छे बाद में निकले
- Aatish Indori
ख़ाक
दिन
अच्छे
बाद
में
निकले
हिज्र
के
दिन
विषाद
में
निकले
हम
वे
हैं
जिनको
इश्क़
पहले
हुआ
मूँछ
के
बाल
बाद
में
निकले
कुछ
दिनों
तक
तो
ठीक
था
सब
कुछ
हिज्र
के
दर्द
बाद
में
निकले
ढूँढा
तो
अच्छा
लड़का
ही
था
पर
ऐब
सारे
दमाद
में
निकले
कोई
बेटा
न
था
तो
यूँँ
हुआ
है
बेटे
के
गुण
दामाद
में
निकले
- Aatish Indori
Download Ghazal Image
कोई
समुंदर,
कोई
नदी
होती
कोई
दरिया
होता
हम
जितने
प्यासे
थे
हमारा
एक
गिलास
से
क्या
होता
ताने
देने
से
और
हम
पे
शक
करने
से
बेहतर
था
गले
लगा
के
तुमने
हिजरत
का
दुख
बाट
लिया
होता
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
163 Likes
भरम
रखा
है
तेरे
हिज्र
का
वरना
क्या
होता
है
मैं
रोने
पे
आ
जाऊँ
तो
झरना
क्या
होता
है
मेरा
छोड़ो
मैं
नइँ
थकता
मेरा
काम
यही
है
लेकिन
तुमने
इतने
प्यार
का
करना
क्या
होता
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
261 Likes
मुझ
सेे
बिछड़
कर
भी
वो
लड़की
कितनी
ख़ुश
ख़ुश
रहती
है
उस
लड़की
ने
मुझ
सेे
बिछड़
कर
मर
जाने
की
ठानी
थी
Jaun Elia
Send
Download Image
174 Likes
ख़ौफ़
आता
है
अपने
साए
से
हिज्र
के
किस
मक़ाम
पर
हूँ
मैं
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
22 Likes
तुम्हारा
हिज्र
मना
लूँ
अगर
इजाज़त
हो
मैं
दिल
किसी
से
लगा
लूँ
अगर
इजाज़त
हो
Jaun Elia
Send
Download Image
57 Likes
इस
से
पहले
कि
ज़मीं-ज़ाद
शरारत
कर
जाएँ
हम
सितारों
ने
ये
सोचा
है
कि
हिजरत
कर
जाएँ
दौलत-ए-ख़्वाब
हमारे
जो
किसी
काम
न
आई
अब
किसी
को
नहीं
मिलने
की
वसिय्यत
कर
जाएँ
Read Full
Idris Babar
Send
Download Image
20 Likes
किसी
बे-वफ़ा
से
बिछड़
के
तू
मुझे
मिल
गया
भी
तो
क्या
हुआ
मेरे
हक़
में
वो
भी
बुरा
हुआ
मेरे
हक़
में
ये
भी
बुरा
हुआ
Mumtaz Naseem
Send
Download Image
53 Likes
मैं
न
कहता
था
हिज्र
कुछ
भी
नहीं
ख़ुद
को
हलकान
कर
रही
थी
तुम
कितने
आराम
से
हैं
हम
दोनों
देखा
बेकार
डर
रही
थी
तुम
Read Full
Mehshar Afridi
Send
Download Image
59 Likes
ये
जो
हिजरत
के
मारे
हुए
हैं
यहाँ
अगले
मिसरे
पे
रो
के
कहेंगे
कि
हाँ
Ali Zaryoun
Send
Download Image
63 Likes
अमीर
इमाम
के
अश'आर
अपनी
पलकों
पर
तमाम
हिज्र
के
मारे
उठाए
फिरते
हैं
Ameer Imam
Send
Download Image
47 Likes
Read More
नंबर
बदला
घर
बदला
दफ़्तर
बदला
उसने
ख़ुद
को
गिरगिट
से
बढ़-कर
बदला
पहले
तो
उसने
मुझको
जी-भर
बदला
फिर
उसने
मन
बदला
और
दिलबर
बदला
उसने
दीवारें
बदली
छप्पर
बदला
मैं
तो
ध्यान
में
उतरा
और
अंबर
बदला
मंज़िल
मैंने
समझी
उसने
मक़ाम
बस
अगले
सफ़र
पे
निकला
तो
रहबर
बदला
अवसाद
से
तू
ही
बाहर
ला
सकता
है
तेरी
इक
समझाइश
ने
मंज़र
बदला
Read Full
Aatish Indori
Download Image
1 Like
बेवफ़ाई
तो
दी
ही
जुदाई
भी
दी
जिस्म
चीरा
तो
चीरा
ख़लाई
भी
दी
दर्द
के
साथ
उसने
दवाई
भी
दी
बे-वफ़ा
क्यूँँ
हुआ
यह
सफ़ाई
भी
दी
सिर्फ़
उसने
जुदाई
दी
है
यूँँ
न
था
भूलने
की
उसे
रहनुमाई
भी
दी
उसने
खोला
नहीं
पर
पता
था
मुझे
उस
वफ़ादार
ने
बेवफ़ाई
भी
दी
Read Full
Aatish Indori
Download Image
1 Like
आज़मा
आज़मा
के
ये
क्या
कर
दिया
इक
वफ़ादार
को
बे-वफ़ा
कर
दिया
रास्ते
में
बियाबान
जंगल
था
जब
हम
सेफ़र
ने
मुझे
तब
जुदा
कर
दिया
उसने
मेरी
दलीलें
सुनी
ही
नहीं
हम
जुदा
होंगे
यह
फ़ैसला
कर
दिया
दूर
जाना
था
पर
बेवफ़ाई
न
की
दिल
के
बंधन
से
फ़ौरन
रिहा
कर
दिया
Read Full
Aatish Indori
Download Image
3 Likes
आदतन
मुझको
प्यार
करना
है
आदतन
उसको
वार
करना
है
जीतने
वाले
शाम
को
मिलना
हार
का
जश्न
यार
करना
है
नद्दी
ने
पार
कर
लिया
पर्वत
अब
समुंदर
को
पार
करना
है
रूह
तो
मेरे
पास
है
उसकी
जिस्म
का
इंतिज़ार
करना
है
Read Full
Aatish Indori
Download Image
1 Like
मौज
जाएगी
हया-दार
नज़र
आने
से
मैं
तो
बोतल
से
पि
यूँँगा
न
कि
पैमाने
से
Read Full
Aatish Indori
Send
Download Image
1 Like
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Khuddari Shayari
Beqarari Shayari
Relationship Shayari
Khyaal Shayari
Cigarette Shayari