हाल-ए-दिल की किताब बनता है

  - Aas Rahbar Kalkattavi
हाल-ए-दिलकीकिताबबनताहै
जबकोईहम-रिकाबबनताहै
जिसकीसीरतउतरतीहैदिलमें
फिरवहीइंतिख़ाबबनताहै
वोशब-ओ-रोज़ख़्वाबमेंकर
मेरीउल्फ़तकाबाबबनताहै
उसकीयादोंमेंमुंहमिकहोकर
दिलयेख़ाना-ख़राबबनताहै
ख़ूब-सूरतहैवोबहुतलेकिन
हुस्नइकदिनतुराबबनताहै
इश्क़मेंहैमिलावुफ़ूर-ए-ग़म
इससेअबइज्तिनाबबनताहै
ज़ीस्तगरवस्लसेरहेमहरूम
तोहरइकपलअज़ाबबनताहै
तूनेवादेकिएहैंउल्फ़तके
मेरातुझसेहिसाबबनताहै
दीद-ए-'रहबर'कभीजोहोजाए
रुख़मिरामाहताबबनताहै
  - Aas Rahbar Kalkattavi
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