ye mohabbat ka sila tha ishq ka anjaam tha | ये मोहब्बत का सिला था इश्क़ का अंजाम था

  - Aarif Naqshbandi
येमोहब्बतकासिलाथाइश्क़काअंजामथा
फूलकाहँसनाहीउसकीमौतकापैग़ामथा
ग़मदेतेआपतोराहतसेकिसकोकामथा
ज़िंदगीकीगर्दिशोंकेसाथदौर-ए-जामथा
ठोकरेंखातेगएलबपरतुम्हारानामथा
हश्रकामंज़रथाराह-ए-इश्क़मेंजोगामथा
आपक्यूँँआँसूबहाएँमेरेहाल-ए-ज़ारपर
इश्क़कानिकलावहीअंजामजोअंजामथा
बनगईहरसाँसक़ातिलरंजहैतोबसयही
ज़िंदगीनेमारडालामौतपरइल्ज़ामथा
थातुम्हारेसामनेबे-कैफ़रंग-ए-गुलिस्ताँ
दीदा-ए-नर्गिसतोकहनेकोछलकताजामथा
देखनेवालेकहेंगेमेरीबर्बादीकाहाल
आशियानाजलरहाथामैंअसीर-ए-दामथा
गिर्या-ए-शबनमसेआतीहैगुलोंमेंताज़गी
मेरारोनाभीकिसीकेऐशकापैग़ामथा
बर्क़केक्याहाथआयाक्यामिलासय्यादको
चारतिनकोंकेरहनेसेचमनबदनामथा
जलनेवालाहीसमझसकताहैदिलकीआगको
हिज्रमें'आरिफ़'मिराहमदमचराग़-ए-शामथा
  - Aarif Naqshbandi
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