ab tum ko hi saawan ka sandesa nahin banna | अब तुम को ही सावन का संदेसा नहीं बनना

  - Aamir Sohail
अबतुमकोहीसावनकासंदेसानहींबनना
मुझकोभीकिसीऔरकारस्तानहींबनना
कहतीहैकिआँखोंसेसमुंदरकोनिकालो
हँसतीहैकितुमसेतोकिनारानहींबनना
मोहतातहैइतनीकिकभीख़तनहींलिखती
कहतीहैमुझेऔरोंकेजैसानहींबनना
तस्वीरबनाऊँतोबिगड़जातीहैमुझसे
ऐसानहींबननामुझेवैसानहींबनना
इसतरहकेलबकौनतराशेगादोबारा
इसतरहकाचेहरातोकिसीकानहींबनना
चेहरेपेकिसीऔरकीपलकेंनहींझुकती
आँखोंमेंकिसीऔरकानक़्शानहींबनना
मैंसोचरहाहूँकिमैंहूँभीकिनहींहूँ
तुमज़िदपेअड़ीहोकिकिसीकानहींबनना
मैंरातकीईंटेंतोबहुतजोड़रहाहूँ
परमुझसेतेरेदिनकादरीचानहींबनना
इंकारतोयूँँकरतीहैजैसेकिकभीभी
छाँवनहींबननाउसेसायानहींबनना
इसदर्दकीतहवीलमेंरहतेहुएहमको
चुप-चापबिखरनाहैतमाशानहींबनना
उसनेमुझेरखनाहीनहींआँखोंमें'आमिर'
औरमुझसेकोईऔरठिकानानहींबनना
  - Aamir Sohail
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy