गिरीहैबर्क़-ए-तपाँदिलपेयेख़बरसुनकर
चढ़ादियाहैभगत-सिंहकोरातफाँसीपर
उठाहैनाला-ए-पुर-दर्दसेनयामहशर
जिगरपेमादर-ए-भारतकेचलगएख़ंजर
शिकस्ता-हालहुआक़ौमकेहबीबोंका
बदनमेंख़ुश्कलहूहोगयाग़रीबोंका
अभीतोक़ौमने'नेहरू'काग़मउठायाथा
अभीतोदासकीफ़ुर्क़तनेहश्रढायाथा
अभीतोहिज्रकाबिस्मिलकेज़ख़्मखायाथा
अभीतोकोह-ए-सितमचर्ख़नेगिरायाथा
चलेहैंनावक-ए-बेदादफिरकलेजोंपर
किआजउठगएअफ़्सोसनौजवाँरहबर
अदूवतनकोतशद्दुदसेक्यादबाएँगे
वोअपनेहाथसेफ़ित्नेनएजगाएँगे
जोमुल्क-ओ-क़ौमकीदेवीपेसरचढ़ाएँगे
निसारहोकेशहीदोंमेंनामपाएँगे
गिरेगाक़तरा-ए-ख़ूँभीजहाँसपूतोंका
फ़िदा-ए-हिंदवहाँहोंगेसैंकड़ोंपैदा
जहाँसेमुल्क-ए-अदमनौनिहालजातेहैं
नुमायाँकरकेसितम-कशकाहालजातेहैं
गिराकेहिन्दमेंकोह-ए-मलालजातेहैं
वतनकोछोड़केभारतकेलालजातेहैं
तड़परहेहैंजुदाईमेंबे-क़रार-ए-वतन
चलेहैंआलम-ए-बालाकोजाँ-निसार-ए-वतन