दर-ए-दिलपरलासकोदस्तकरुहानी,क्यासहीहो
औरतबमहताबदिखताहोरुमानी,क्यासहीहो
वोअदाकारीदिखातीहै,मगरमुझकोपसंदना
नाममेरालिखमहेंदीमेंदिवानी,क्यासहीहो
हाथमेंमयकोपकड़,वोफिरतलबचढ़तीनहींक्यूँ
इश्क़मेंमिलहारजबकोईपुरानी,क्यासहीहो
जिसदरीयाकोबनातेखर्चहुएआँसूमिरेजो
लाशकोमेरीमिलेतैरनेरवानी,क्यासहीहो
लोगदिलअपनाकरेमानिंदपत्थरक्यूँँ,मगरफिर
दूसरोंसेचाहतेहैंज़िंदगानी,क्यासहीहो
होशखोदेनाबुढ़ापेमें,बहुतहीआमबातें
डूबता'रुफ-ए-मदहोशीमेंजवानी,क्यासहीहो
सर-ज़मीनपरबातअबरूकतीनहींहै,क्योंकितेरी
हैजगहभीऊपरवहाँआसमानी,क्यासहीहो
आएनामुस्कानचहरेपर,खुशियाँना,चलेगा
आँसुचहरेपररखेथोड़ीनिशानी,क्यासहीहो
झूठकहतेसचमिरावोलोग,सचउनकाअलगसा
चाहतेपरचम-ए-सचउनकीज़ुबानी,क्यासहीहो
मज़हबीबातेंकरेहैंयेसियासतक्यूँँहमेशा
फिरशुरूहोतीलड़ाईखानदानी,क्यासहीहो
क़ब्रपरमुझकोनछोड़ोफूलतुम,हैइलतजासुन
आँखसेगिरताअगरइकबूँदपानी,क्यासहीहो
जोअनाकेबीजबोते,फिरदरख़्तोंसेबड़ेहुए
जबजड़ेंइनजंगलोंकीहोगिरानी,क्यासहीहो