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Yaduvanshi Abhishek
ik baat ye ki meri qismat sahi nahin
ik baat ye ki meri qismat sahi nahin | इक बात ये कि मेरी क़िस्मत सही नहीं
- Yaduvanshi Abhishek
इक
बात
ये
कि
मेरी
क़िस्मत
सही
नहीं
इक
सच
है
ये
कि
उसने
चाहा
नहीं
मुझे
- Yaduvanshi Abhishek
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गर
ये
अच्छी
क़िस्मत
है
तो
लानत
ऐसी
क़िस्मत
पर
अपने
फोन
में
देख
रहे
हैं,
बाप
को
बूढ़ा
होते
हम
Siddharth Saaz
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कभी
मैं
अपने
हाथों
की
लकीरों
से
नहीं
उलझा
मुझे
मालूम
है
क़िस्मत
का
लिक्खा
भी
बदलता
है
Bashir Badr
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जो
मिल
गया
उसी
को
मुक़द्दर
समझ
लिया
जो
खो
गया
मैं
उस
को
भुलाता
चला
गया
Sahir Ludhianvi
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कभी
पत्थर
मुक़द्दर
लिख
नहीं
सकता
मगर
समझो
जिसे
पत्थर
में
ढूँढो
हो
तुम्हारे
पास
ही
तो
है
Tanha
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मिले
किसी
से
गिरे
जिस
भी
जाल
पर
मेरे
दोस्त
मैं
उसको
छोड़
चुका
उसके
हाल
पर
मेरे
दोस्त
ज़मीं
पे
सबका
मुक़द्दर
तो
मेरे
जैसा
नहीं
किसी
के
साथ
तो
होगा
वो
कॉल
पर
मेरे
दोस्त
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Ali Zaryoun
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मेरी
क़िस्मत
कि
ये
दुनिया
मुझे
पहचानती
है
लोग
मर
जाते
हैं
पहचान
बनाने
के
लिए
Nadeem Farrukh
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न
हुआ
नसीब
क़रार-ए-जाँ
हवस-ए-क़रार
भी
अब
नहीं
तिरा
इंतिज़ार
बहुत
किया
तिरा
इंतिज़ार
भी
अब
नहीं
तुझे
क्या
ख़बर
मह-ओ-साल
ने
हमें
कैसे
ज़ख़्म
दिए
यहाँ
तिरी
यादगार
थी
इक
ख़लिश
तिरी
यादगार
भी
अब
नहीं
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Jaun Elia
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नया
लिबास
भी
पहनो
तो
इस
तरह
पहनो
जिन्हें
नसीब
नहीं
है
उन्हें
नया
न
लगे
Javed Saba
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फिर
एक
रोज़
मुक़द्दर
से
हार
मानी
गई
ज़बीन
चूम
के
बोला
गया
"ख़ुदा
हाफ़िज़"
Afkar Alvi
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ख़ुश
रहते
हैं
हँस
सकते
हैं
भोले
भाले
होते
हैं
वो
जो
शे'र
नहीं
कहते
हैं
क़िस्मत
वाले
होते
हैं
पीना
अच्छी
बात
नहीं
है
आते
हैं
समझाने
दोस्त
और
ढलते
ही
शाम
उन्हें
फिर
हमीं
सँभाले
होते
हैं
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Vineet Aashna
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मैं
उस
सेे
आज
तक
के
सारे
रिश्ते
तोड़
आया
हूँ
मैं
उसको
आख़िरी
सफ़
में
सिसकता
छोड़
आया
हूँ
Yaduvanshi Abhishek
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अबके
सावन
काश
कुछ
ऐसा
हो
जाए
तुझको
इश्क़
और
फिर
मिरे
जैसा
हो
जाए
Yaduvanshi Abhishek
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जब
जी
न
पाए
तो
गुज़ारा
कर
लिया
हमने
मुहब्बत
से
किनारा
कर
लिया
Yaduvanshi Abhishek
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छोड़
दीं
सारी
मनमानियाँ
अब
तो
मैं
बस
सही
चुनता
हूँ
शाम
ढलते
ही
सो
जाता
हूँ
अब
मैं
सपने
नहीं
बुनता
हूँ
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Yaduvanshi Abhishek
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वो
मिरी
रातों
को
तन्हा
कर
गई
है
कुछ
नहीं
बाक़ी
मिरी
जाँ
मर
गई
है
Yaduvanshi Abhishek
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