hai tira jism aaftaabi aur kya kuchh bhi nahin | है तिरा जिस्म आफ़्ताबी और क्या कुछ भी नहीं

  - Yaduvanshi Abhishek
हैतिराजिस्मआफ़्ताबीऔरक्याकुछभीनहीं
शामहोतेफिरशराबीऔरक्याकुछभीनहीं
डाइरीकेसबनज़ारेस्याहियोंसेधुलगए
रहगईबातेंकिताबीऔरक्याकुछभीनहीं
आसमाँकोशिशकरेगाधरतीपानेकेलिए
बादनिकलेगासराबीऔरक्याकुछभीनहीं
जोभीकुछहमनेकमायाज़िंदगीकोलाँघकर
वक़्तबैठाहैहिसाबीऔरक्याकुछभीनहीं
जोकियासबठीकहैजानाहैसबकोहीवहाँ
रहनाहैसबकोजवाबीऔरक्याकुछभीनहीं
  - Yaduvanshi Abhishek
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy